रायगढ़ में 552 लोगों की आंखों की जांच, 453 में मिला दृष्टि दोष; जिंदल फाउंडेशन ने बांटे चश्मे
रायगढ़, 28 सितंबर। क्षेत्र के ग्रामीणों को बेहतर नेत्र स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिंदल फाउंडेशन की दृष्टि परियोजना के तहत विभिन्न गांवों में नेत्र जांच शिविर लगाए गए। 18 से 26 सितंबर तक आयोजित शिविरों में कुल 552 लोगों की आंखों की जांच की गई। इनमें 453 लोगों में दृष्टि दोष पाया गया, जिन्हें आवश्यकता के अनुसार जिंदल फाउंडेशन की ओर से चश्मे वितरित किए गए।
जिंदल पावर के प्लांट और माइंस प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते हैं। इसके अलावा मोबाइल मेडिकल वैन के माध्यम से भी ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाती हैं। इन सेवाओं में सामान्य स्वास्थ्य जांच के साथ किशोरी बालिकाओं, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों की जांच सहित जरूरत के अनुसार फिजियोथैरेपी की सुविधा भी शामिल है।
इन गांवों में लगाए गए नेत्र जांच शिविर
जिंदल फाउंडेशन की हेल्थ को-ऑर्डिनेटर नीतू सारस्वत ने बताया कि दृष्टि परियोजना के तहत कोलम, औरीमुड़ा, केराखोल, छिर्रामुड़ा, बनई, चारभांठा, नूनदरहा और बरकसपाली सहित विभिन्न गांवों में नेत्र जांच शिविर आयोजित किए गए।
शिविरों में डॉ. शिवलाल साहू ने ग्रामीणों की आंखों की जांच की। जिन लोगों की दृष्टि कमजोर पाई गई और जिन्हें चश्मे की आवश्यकता थी, उन्हें जिंदल फाउंडेशन की ओर से चश्मे वितरित किए गए।
इस वर्ष 77 नेत्र जांच शिविर लगाने का लक्ष्य
नीतू सारस्वत ने बताया कि जिंदल फाउंडेशन की ओर से इस वर्ष क्षेत्र में आंखों की जांच के लिए कुल 77 शिविर लगाए जाने हैं। जांच के दौरान ग्रामीणों को आंखों की देखभाल और सुरक्षा से जुड़े जरूरी उपायों की जानकारी भी दी जा रही है।
मोतियाबिंद मरीजों का सर्वे शुरू
दृष्टि परियोजना के तहत नेत्र जांच के साथ अब मोतियाबिंद के मरीजों का सर्वे भी शुरू किया गया है। सर्वे के दौरान चिह्नित मरीजों के ऑपरेशन दिसंबर में कराए जाने की संभावना है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के जरूरतमंद मरीजों को उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
